Thursday, 24 October 2024

गणपति चक्कर

 लौटे देखा गणपति चक्कर,

मात-पिता का कर बैठे,

आदि देव की हुई घोषणा,

अग्रज श्रम थोड़ा ऐंठे।

 अर्धांग अर्धांगिनी परिक्रमा,

 श्री गणेश बुद्धि से जीते,

 मुरुगन बने देव सेनापति,

 'शान्त' प्रतिस्पर्धा मीते।

आंवला पूजन प्रातः भ्रमणम्

आंवला पूजन प्रातः भ्रमणम्,  पंच तत्त्व की प्राप्ति करारी, पौष्टाहार प्रसन्न चित्त-मन, धर्म-कर्म का ध्यान पुरारी।  समय देश प्यारा मनुहारी,   ...