आंवला पूजन प्रातः भ्रमणम्,
पंच तत्त्व की प्राप्ति करारी,
पौष्टाहार प्रसन्न चित्त-मन,
धर्म-कर्म का ध्यान पुरारी।
समय देश प्यारा मनुहारी,
सर्व सुख दाता रहें आभारी,
जन्म जन्मांतर 'शान्त' मंगलम्,
करे प्रशंसा जगती सारी।
आंवला पूजन प्रातः भ्रमणम्, पंच तत्त्व की प्राप्ति करारी, पौष्टाहार प्रसन्न चित्त-मन, धर्म-कर्म का ध्यान पुरारी। समय देश प्यारा मनुहारी, ...