Wednesday, 30 August 2023

रक्षाबन्धन



रक्षाबन्धन अवनिअवित्तम 

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रक्षाबन्धन अवनिअवित्तम

कच्चे धागे का त्योहार,

उत्तर दक्षिण पूरब पश्चिम,

स्नेह सुरक्षा जीवन सार।


बहन की राखी भ्रातृ- कलाई, शोभित प्रचलित-

अपरम्पार, यादें फरियादे'-

मर्यादे' निराकार साकार- बहार।


प्रत्यक्ष-परोक्ष की, मिलन- स्मृतियाँ, बचपन यौवन वृद्ध शुमार, आनंद मंगल-

खेले'दंगल, जाने अनजाने

अभिसार।


मिष्ठ सलोने स्वादिष्ट- व्यंजन, चमके मस्तक- टीका भार,'शान्त'कलाई-

राखी बन्धन, दे आजीवन

प्यार ही प्यार।

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रचना--दयाराम कुशवाहा 'शान्त'  

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