* यमुना-स्नानम् *
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कार्तिक मास यमुना स्नानम्,
शेष ग्यारह गंगा जी भारी,
पावन प्रयागराज त्रिवेणी,
सूर्य तनूजा मौसम प्यारी।
स्वस्थ रक्खें ऋतु संधि काल में,
काल शनी की बहना न्यारी,
हरित लहर जल प्रात हिलोरें,
शरद करें कल्याण सुखारी।
आंवला पूजन प्रातः भ्रमणम्, पंच तत्त्व की प्राप्ति करारी, पौष्टाहार प्रसन्न चित्त-मन, धर्म-कर्म का ध्यान पुरारी। समय देश प्यारा मनुहारी, ...