* प्रतिस्पर्धा *
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शुरू गुलाबी जाड़ा कार्तिक,
कार्तिकेय की कृपा लेकर,
याद करें पितृ महादेव को,
जग जननी आज्ञा लेकर।
अनुज मूस की करें सवारी,
स्वयं मयूरी,प्रभा लेकर,
जगती भ्रमण उड़े चढ़ कोमल,
तेज सवारी,आभा लेकर।
आंवला पूजन प्रातः भ्रमणम्, पंच तत्त्व की प्राप्ति करारी, पौष्टाहार प्रसन्न चित्त-मन, धर्म-कर्म का ध्यान पुरारी। समय देश प्यारा मनुहारी, ...