Wednesday, 2 October 2024

आवाहन पूजन

 कर लें श्रद्धालु स्नेह अर्पण,

आश्विन हर वर्ष बुलाने में,

आवाहन पूजन विविध विधा,

सन्तुष्ट ध्यान से मिलाने में।


रहे वरद हस्त परिजन मस्तक,

तब भी,अब भी, चमकाने में,

धन्य 'शान्त' आत्माएं सु कवच,

संसारी राह दिखाने में।

आंवला पूजन प्रातः भ्रमणम्

आंवला पूजन प्रातः भ्रमणम्,  पंच तत्त्व की प्राप्ति करारी, पौष्टाहार प्रसन्न चित्त-मन, धर्म-कर्म का ध्यान पुरारी।  समय देश प्यारा मनुहारी,   ...