श्रावण शुक्ल तृतीया आलेखित,
चालू वर्ष की दैनंदिन में,
शुभ वेला शुभ प्रभात अद्य तिथि
श्री प्रयाग भक्तों भक्तिन में।
सब सुखी रहें चौमास प्रबल,
हरियाली निशि दिन आती है,
तरो ताजा .शान्त. बनाए रखें,
भव सागर विधि बहलाती हैं।
आंवला पूजन प्रातः भ्रमणम्, पंच तत्त्व की प्राप्ति करारी, पौष्टाहार प्रसन्न चित्त-मन, धर्म-कर्म का ध्यान पुरारी। समय देश प्यारा मनुहारी, ...