Tuesday, 6 February 2024

ख्वाबों की राहें

रास्ते कहाँ ख़त्म होते हैं ,
            ज़िंदग़ी के सफ़र में
मंज़िल तो वहाँ है ,
           जहाँ ख्वाहिशें थम जाएँ।

जब मिलो किसी से तो,
           ज़रा दूर का रिश्ता रखना
बहुत तङपाते  हैँ अक्सर ,
           सीने  से लगाने वाले ।

हम सब यहाँ एक जैसे ही है,
            फर्क बस इतना है कि,
कोई दिल के लिए जी रहा है,
            कोई दिल रखने के लिए .

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